
वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने राज्य कर (GST) विभाग की सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। विजिलेंस की टीम ने यह कार्रवाई बुधवार शाम करीब 6:30 बजे चेतगंज स्थित दादा रेस्टोरेंट में की। आरोप है कि उन्होंने एक कंपनी की GST फाइल के निस्तारण और फरवरी 2023 के GST रिटर्न से जुड़े मामले में रिश्वत की मांग की थी।
कैसे हुई कार्रवाई?
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, एक व्यापारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह फाइल निस्तारण और GST रिटर्न से जुड़े मामले को ठीक करने के बदले ₹50,000 की रिश्वत मांग रही हैं।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप (Trap Operation) तैयार किया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को चेतगंज स्थित दादा रेस्टोरेंट बुलाया गया, जहां रिश्वत की रकम लेते समय विजिलेंस टीम ने अंबिका सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश
विजिलेंस टीम के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान अंबिका सिंह ने मौके से निकलने की कोशिश की। उन्हें रोकने पहुंची महिला पुलिसकर्मियों और विजिलेंस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ भी जुट गई। बाद में टीम ने उन्हें सरकारी वाहन से थाने ले जाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तारी के बाद डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुराने मामलों की भी होगी जांच
विजिलेंस विभाग ने संकेत दिए हैं कि अब डिप्टी कमिश्नर द्वारा पूर्व में निस्तारित अन्य GST फाइलों और मामलों की भी जांच की जाएगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं अन्य मामलों में भी रिश्वत या अनियमितता की शिकायतें तो नहीं हैं।
यदि जांच में अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
रिश्वत मांगने पर यहां करें शिकायत
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर दी जा सकती है।
विजिलेंस हेल्पलाइन:
- 9454401866
- 9454401222
विभाग का कहना है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है और प्रत्येक शिकायत की नियमानुसार जांच की जाती है।
डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह की गिरफ्तारी को उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है। फिलहाल विजिलेंस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
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FAQs:
Q1. वाराणसी में किस अधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया?
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने GST सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
Q2. रिश्वत किस मामले में मांगी गई थी?
आरोप है कि एक कंपनी की GST फाइल के निस्तारण और फरवरी 2023 के GST रिटर्न से जुड़े मामले को ठीक करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
Q3. गिरफ्तारी कहां हुई?
विजिलेंस टीम ने चेतगंज, वाराणसी स्थित दादा रेस्टोरेंट में ट्रैप कार्रवाई के दौरान गिरफ्तारी की।
Q4. अंबिका सिंह पर कौन-सी कानूनी कार्रवाई हुई है?
उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
Q5. भ्रष्टाचार की शिकायत कहां की जा सकती है?
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के हेल्पलाइन नंबर 9454401866 और 9454401222 पर रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।